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इक्कीसवीं सदी की जनसंवेदना एवं हिन्दी साहित्य की पत्रिका

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दीप्ति गुप्ता

Deepti Gupta

नाम: दीप्ति गुप्ता

शिक्षा: कालजयी साहित्यकार अमृतलाल नागर के उपन्यासों पर पी-एच. डी.

अनुभव: -तीन विश्वविद्यालयों-रूहेलखंड विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली एवं पुणे विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में अध्यापना.
- तीन वर्ष के लिए भारत सरकार द्वारा " मानव संसाधन विकास मंत्रालय ", नई दिल्ली में " शैक्षिक सलाहकार " पद पर नियुक्त रहीं.
- समय से पूर्व रीडर पद से स्वैच्छिक अवकाश लेकर से पूर्णतया रचनात्मक लेखन में संलग्न.
- राजभाषा विभाग, हिन्दी संस्थान, शिक्षा निदेशालय, व शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली एवं सी ए एस पी, एम आई टी, मल्टीवर्सिटी सॉफ़्टवेयर कंपनी, यूनीसेफ़, एयरलाइंस आदि अनेक सरकारी एवं गैर-सरकारी विख्यात संस्थानों में एक प्रतिष्ठित अनुवादक के रूप में अपनी सेवाएँ दी.
हिंदी और अंग्रेज़ी में कहानियाँ व कविताएँ, सामाजिक सरोकारों के लेख व पत्र आदि प्रसिद्ध साहित्यिक पत्रिकाओं- "साक्षात्कार" (भोपाल), "गगनांचल" ( आइ सी सी आर, भारत सरकार), " अनुवाद", "नया ज्ञानोदय" (नई दिल्ली), हिंदुस्तान, पंजाब केसरी, नवभारत टाइम्स, जनसत्ता, विश्वमानव, सन्मार्ग (कलकत्ता), महरश्त्र हेरल्द, इन्डियन एक्सप्रेस, पुणे टाइम्स (टाइम्स ऑफ़ इंडिअ) और मॉरिशस के "जनवाणी" तथा "संडे वाणी में प्रकाशित. नैट पत्रिकाओं में कहानियाँ और कविताओं का प्रकाशन एवं प्रसारण. नैट पर अंग्रेज़ी की भी 30 कविताओं का प्रसारण, जिनमें से अनेक कविताएँ गहन विचारों, भावों, सम्वेदनाओं व उत्कृष्ट भाषा के लिए "ऑल टाइम बेस्ट" के रूप में सम्मानित एवं स्थापित.
हिंदी में 'अंतर्यात्रा' और अंग्रेज़ी में 'ओसियन इन दि आईज़' कविता संग्रह प्रकाशित व पद्मविभूषण' नीरज जी' द्वारा विमोचन.
कहानी संग्रह "शेष प्रसंग" की अविस्मरणीय उपलब्धि है-भूमिका में कथा सम्राट " कमलेश्नर जी" द्वारा अभिव्यक्त बहुमूल्य विचार, जो आज हमारे बीच नहीं हैं. प्रख्यात साहित्यकार -अमरकांत जी, मन्नू भंडारी, सूर्यबाला, ममता कालिया द्वारा "शेष प्रसंग" की कहानियों पर उत्कृष्ट प्रतिक्रिया दी है.
'हरिया काका' 'कहानी को उसकी मूल्यपरकता के कारण पुणे विश्वविद्यालय के हिन्दी स्नातक (एफ़. वाई.) पाठ्यक्रम में शामिल में होने का गौरव प्राप्त हुआ है तथा अन्य एक और कहानी व कविताओं को भी स्नातक (एस. वाई.) में शामिल किए जाने की योजना है. इन्टरनैट पर संचरण करती, सामाजिक एवं साम्प्रदायिक सदभावना से भरपूर' 'निश्छल भाव' 'कविता एवं माँ और बेटी के खूबसूरत संवाद को प्रस्तुत करती' 'काला चाँद' 'कविता को कॉर्दोव पब्लिसर्स द्वारा नेव म्पोडेल इंडियन स्कूल (एन. आर. आई.) भारत एवं विदेश की सभी शाखाओं के लिए, पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है. दिल्ली और पुणे रेडिओ पर अनेक चर्चाओं और साक्षात्कारों में भागीदारी.

सांस्कृतिक एवं कलात्मक गतिविधियाँ: लेखन के अतिरिक्त " चित्रकारी " में गहन रुचि. " ईश्वर " " प्रकृति " के रूप में चारों ओर विद्यमान " उसका ऐश्वर्य " और " मानवीय भाव " प्रमुख रूप से चित्रों की थीम बनकर उभरे तथा साहित्यिक रचनाओं की भाँति ही दूसरों के लिए सकारात्मक प्रेरणा का स्त्रोत रहे हैं.